DELED Education, Society, Curriculum and Learners Important Questions

DELED/JBT/BSTC Important Questions
(Course Code-102, 1st Year)

Education, Society, Curriculum & Learners
शिक्षा, समाज, पाठ्यक्रम एवं अधिगमकर्ता

सामाजिक परिवर्तन में शिक्षक की भूमिका का वर्णन कीजिए।
उत्तर – सामाजिक परिवर्तन (Social Change) में शिक्षक की अहम भूमिका है। शिक्षकों द्वारा प्रारंभ से ही पाठ्यक्रम के साथ ही साथ जीवन मूल्यों की शिक्षा भी दी जाती है। शिक्षा हमें ज्ञान, विनम्रता, व्यवहारकुशलता और योग्यता प्रदान करती है। शिक्षक को ईश्वरतुल्य माना जाता है। आज भी बहुत से शिक्षक, शिक्षकीय आदर्शों पर चलकर एक आदर्श मानव समाज की स्थापना में अपनी महती भूमिका (Role) का निर्वहन कर रहे हैं।

शिक्षण की आगमन विधि क्या है ?
उत्तर – आगमन विधि (Inductive Method) में सबसे पहले विषय वस्तु से सम्बन्धित उदाहरण दिये जाते हैं और उदाहरणों के आधार पर नियम स्थापित किये जाते हैं। यह छात्र केन्द्रित विधि है। यह विधि मूर्त से अमूर्त की ओर, ज्ञात से अज्ञात की ओर, स्थूल से सूक्ष्म की ओर, सरल से कठिन की ओर सिद्धान्त पर कार्य करती है। व्याकरण शिक्षण हेतु सर्वोत्तम विधि है।

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर – राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् (National Council for Teacher Education, NCTE) भारत सरकार द्वारा स्थापित एक संगठन है जो शिक्षकों के प्रशिक्षण और मान्यता को सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा मानकों, प्रशिक्षण मानकों, और शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता को सुनिश्चित करना है। NCTE शिक्षा संस्थाओं की मान्यता देने, शिक्षक प्रशिक्षण संस्थाओं को मान्यता देने, और शिक्षा मानकों की समीक्षा करने के लिए जिम्मेदार है। यह संगठन शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता और प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए नियमों, दिशानिर्देशों, और मानकों की व्यवस्था करता है।

मानव संसाधन विकास मन्त्रालय के मुख्य उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – मानव संसाधन विकास मंत्रालय (Ministry of Human Resource Development) का मुख्य उद्देश्य (Main Objective) शिक्षा पर राष्ट्रीय नीति तैयार करना और यह सुनिश्चित करना कि यह पत्र और भावना में लागू हो। पूरे देश में शिक्षण संस्थानों की पहुंच और सुधार सहित योजनाबद्ध विकास, उन क्षेत्रों में शामिल हैं, जहां लोगों को आसानी से पहुंच उपलब्ध नहीं है। गरीबों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों जैसे वंचित समूहों पर विशेष ध्यान देना, छात्रवृत्ति, ऋण सब्सिडी आदि के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करना तथा समाज के वंचित वर्गों के छात्रों को योग्य बनाना।

एस० सी० ई० आर० टी० (SCERT) का पूर्ण रूप क्या है ?
उत्तर – राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (State Council of Educational Research and Training)

ई-पाठशाला पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर – ई-पाठशाला (e-Pathshala) एक शिक्षा प्लेटफॉर्म है जो मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उद्देश्यों को पूरा करने में मदद करेगी। इसके माध्यम से, छात्रों, छात्राओं और शिक्षकों को उच्चतर गुणवत्ता की शिक्षा और प्रशिक्षण के साथ-साथ मानव संसाधनों के विकास के लिए उपयुक्त संसाधनों और सामग्री की पहुंच प्राप्त होती है। इसके साथ ही, यह पहल समाज में समानता, न्याय और समरसता के माध्यम से समरसता को संवर्धित करने के लिए महत्वपूर्ण है। ई-पाठशाला ने छात्रों के लिए कक्षाओं ने ऑनलाइन ट्यूशन के रूप में एक वैकल्पिक अवतार लिया है। इसके माध्यम से शिक्षा घरों तक जाने लगी है।

शिक्षक और समाज के बीच सम्बन्धों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – शिक्षक और समाज के बीच सम्बन्ध बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। शिक्षक (Teacher) समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं और समाज (Society) के विकास में मदद करते हैं। वे छात्रों को न केवल शिक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें समाज में सफलता की दिशा में गाइड भी करते हैं। शिक्षक समाज के सदस्यों के साथ अच्छे सम्बन्ध बनाने में मदद करते हैं। वे छात्रों को समाज में सही मार्गदर्शन प्रदान करके, सामाजिक मान्यताओं, मूल्यों और नैतिकता को सीखाकर, समाज में उच्चतर स्थान प्राप्त करने के लिए उन्हें प्रेरित करते हैं। शिक्षक समाज में एक अद्यापक की भूमिका निभाते हैं और समाज के लिए सक्रिय नागरिकों की तैयारी करते हैं। शिक्षक समाज के साथ संवाद और सहयोग के माध्यम से सम्बन्ध बनाते हैं। वे समाज की जरूरतों, मांगों और समस्याओं को समझते हैं और इसके अनुसार अपने पाठ में प्रभावी बदलाव करते हैं। शिक्षक समाज के सदस्यों की मदद करने के लिए सक्रियता दिखाते हैं, जैसे कि सामाजिक कार्यों में भाग लेना, गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए योजनाएं चलाना आदि।

सामाजीकरण के महत्त्व का वर्णन कीजिए।
उत्तर – सामाजीकरण समाज में एक महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया है जिसमें लोगों को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने का प्रयास किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में समरसता, संगठन, संघटन और समानता को प्रोत्साहित करना होता है। सामाजिक बदलाव के माध्यम से, सामाजिक असमानता, अन्याय, भेदभाव, अशिक्षा, गरीबी, जातिवाद और अन्य समस्याओं को कम किया जाता है। सामाजीकरण (Socialization) के माध्यम से, हम समाज में सुधार को प्रोत्साहित करते हैं और एक समरस समाज की नींव रखते हैं। यह समाज को स्थायी रूप से समृद्ध, विकसित बनाने में मदद करता है। समाजीकरण की प्रक्रिया में व्यक्ति संस्कृति के साथ-साथ कौशल भी सीखता है, जिसमें भाषा से लेकर हाथ की निपुणता तक शामिल है जो उसे मानव समाज का एक भागीदार सदस्य बनने में सक्षम बनाएगा।

अधिगम की निगमन विधि क्या है ?
उत्तर – निगमन विधि (Deductive Method) में विद्यार्थी को प्रत्येक सुत्र, विधि, नियम या निष्कर्ष को खोजना नहीं पड़ता। इस विधि से ज्ञात सुत्रों की उपयोगिता का क्षेत्र बहुत व्यापक है। इस विधि में छात्रों एवं अध्यापकों को कम परिश्रम करना पड़ता है। नवीन समस्याओं को हल करने के लिए यह विधि अत्यन्त उत्तम है। सूत्र या नियम पहले ही ज्ञात होने के कारण प्रश्नों को हल करने में एक विशेष सुविधा होती है। इसमें सामान्य नियम पहले बता दिया जाता है तथा बाद में उदाहरण से पुष्टि की जाती है। यह बड़े विद्यार्थियों के लिए उत्तम है।

सी० सी० आर० टी० (CCRT) का पूर्ण रूप क्या है ?
उत्तर – सांस्कृतिक संसाधन और प्रशिक्षण केंद्र (Centre for Cultural Resources and Training)

ई-बस्ता पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर – ई-बस्ता का मतलब इलेक्ट्रॉनिक बस्ता या डिजिटल बस्ता (किताबों का डिजिटल संग्रह) होता है। इस बस्ते में किताबों का पूरा खजाना भरा होता है अर्थात इस बस्ते के द्वारा छात्रों को उनकी पढ़ाई का सामान डिजिटल रूप में मुहैया कराया जाता है। ई-बस्ता (e-Basta) पोर्टल के माध्यम से छात्रों को उनके जरूरत की सामग्री यथा टेक्स्ट, एनीमेशन, सिमुलेशन तथा ऑडियो एवं वीडियो के रूप में उपलब्ध कराया जाता है।

‘आधारभूत शिक्षा’ का तर्क क्या हैं ?
उत्तर – ‘आधारभूत शिक्षा’ का तर्क यह है कि किसी शिक्षा प्रणाली में आधारभूत ज्ञान अवश्यक होता है। यह ज्ञान विद्यार्थियों को सामान्य जीवन और व्यक्तित्विक विकास के लिए महत्वपूर्ण होता है। ‘आधारभूत शिक्षा’ में हम विद्यार्थियों को श्रेणीबद्ध कर के विभिन्न गणित, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन, विद्युत प्रवाहन, भौतिकी आदि के विषयों में शिक्षित करते हैं। इसमें विद्यार्थियों को यह सिखाया जाता है कि वे अपनी सोचने की क्षमता विकसित करें, समस्याओं को समाधान करने के लिए अनुकरण करें, सामाजिक और नैतिक मुद्दों पर समझ बढ़ाएं और समानांतर विचार और सहभागिता की मान्यता करें। आधारभूत शिक्षा (Basic Education) का उद्देश्य होता है विद्यार्थियों का नैतिक, साहित्यिक, ऐतिहासिक, और वैज्ञानिक संज्ञाना मजबूत करना, उनकी योग्यता विकसित करना, और समाज के लिए उनके योगदान को मजबूत करना होता है।

अधिगम की समस्या समाधान विधि क्या है ?
उत्तर – समस्या समाधान विधि (Problem Solving Method) का प्रयोग छात्रों में समस्या को हल करने की क्षमता विकसित करने के लिये किया जाता है ओर छात्रों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे स्वयं अपनी समस्याओं को प्रयासों द्वारा हल करें। छात्रों को समस्या दी जाती है वे उसके कारणों की खोज निकालते है तथा नियम विधि के द्वारा उसे पूर्ण करते हैं छात्र परीक्षण ओर मूल्यांकन के बाद उस समस्या का उचित मूल्यांकन करते हैं। यह विधि छात्रों में चिन्तन, मनन, तर्क शक्ति, निरीक्षण शक्ति का विकास करती है। छात्र जो कुछ सीखता है क्रिया द्वारा सीखता है, जो स्थायी ज्ञान प्रदान करती है।

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर – राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (National Council of Educational Research and Training, NCERT) एक संगठन है जो शैक्षिक अनुसंधान और शैक्षिक प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करता है। इस परिषद का मुख्य उद्देश्य शैक्षिक प्रगति को सस्ततता, उच्चतम स्तर के शिक्षा मानकों का संरक्षण और प्रोत्साहन, शैक्षिक नवाचार का प्रदर्शन और उद्योग, सामरिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों का विकास करना है। यह परिषद शैक्षिक नीतियों की रचना करती है, अनुसंधान का प्रोत्साहन करती है और विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का व्यवस्थापन करती है। इसका मूल मंत्र शिक्षा के माध्यम से सभी लोगों के विकास को सुनिश्चित करना है।

डी० आई० ई० टी० (DIET) का पूर्ण रूप क्या है ?
उत्तर – जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (District Institute for Education and Training)

वर्ल्ड वाइड वेब पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर – वर्ल्ड वाइड वेब जिसे WWW के नाम से भी जाना जाता है- उन सभी सार्वजनिक वेबसाइटों या पेजों को संदर्भित करता है जिन तक उपयोगकर्ता इंटरनेट के माध्यम से अपने स्थानीय कंप्यूटर और अन्य उपकरणों पर पहुंच सकते हैं । ये पृष्ठ और दस्तावेज़ हाइपरलिंक के माध्यम से आपस में जुड़े हुए हैं जिन पर उपयोगकर्ता जानकारी के लिए क्लिक करते हैं। यह जानकारी पाठ, चित्र, ऑडियो और वीडियो सहित विभिन्न स्वरूपों में हो सकती है।

सारजेंट योजना का वर्णन कीजिए।
उत्तर – 1944 में, केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड ने सार्जेंट एनालिसिस तैयार किया, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शिक्षा के विकास पर एक संपूर्ण रिपोर्ट थी। इसने एक शैक्षिक प्रणाली की कल्पना की जिसमें 6 से 11 साल की उम्र के सभी बच्चों के लिए सार्वभौमिक, मुफ्त और अनिवार्य प्राथमिक बुनियादी शिक्षा शामिल थी। यह प्रस्ताव केन्द्रीय शिक्षा सलाहकार समिति के सामने रखा गया और इसको पूरी मंज़ूरी दे दी गई।

कौशलों पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर – कौशलें (Skills) निपुणता, अनुभव, और अभ्यास के आधार पर विकसित होती हैं। ये हमें किसी कार्य को सुगमता और उत्कृष्टता से करने में मदद करती हैं। सफलता के लिए, कौशलों का निरंतर प्रशिक्षण और संवर्धन आवश्यक होता है।

एन० सी० टी० ई० (NCTE) का पूर्ण रूप क्या है ?
उत्तर – राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् (National Council for Teacher Education)

ई-लर्निंग पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर – ई-लर्निंग (e-Learning) कंप्यूटर आधारित शैक्षिक टूल या प्रणाली है जो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से कहीं भी किसी भी समय अध्ययन और अध्यापन की सुविधा देती है जैसे इंटरनेट पर ऑनलाइन सीखना, पढ़ना और पढ़ाना। वर्तमान में अधिकांश ई-लर्निंग इन्टरनेट के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जाती है।

 

 

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